हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने लगाये कांग्रेस-इंडिया पर गंभीर आरोप
जमशेदपुर : महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने पर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला. बिष्टुपुर तुलसी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर आधी आबादी को उनके अधिकार से वंचित किया. यह विधेयक महिलाओं को उनका संवैधानिक हक देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे राजनीतिक स्वार्थ में डुबो दिया. देश की आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने का मौका था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं के साथ अन्याय किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में पहले से ही जनगणना और परिसीमन (डीलिमिटेशन) का प्रावधान है. वर्तमान संशोधन का उद्देश्य केवल यह था कि प्रक्रिया में देरी न हो और 2029 तक महिलाओं को आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके. सरकार ने हर राज्य के साथ समान न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीटों में 50 प्रतिशत की समान वृद्धि का प्रस्ताव रखा था. कांग्रेस के इतिहास पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1990 के दशक से लेकर अबतक महिला आरक्षण बिल को बार-बार टालने का काम कांग्रेस ने ही किया है. जब सत्ता में रही, तब भी पास नहीं कराया और अब भी वही नीति जारी है. प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप साही, महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा आदि भी मौजूद थे.
विरोध में भाजपा करेगी राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शन
मौके पर भानु प्रताप ने जानकारी दी कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन चलाएगी. इस क्रम में आगामी 25 अप्रैल को राज्यस्तरीय पैदल मार्च और 30 अप्रैल तक मंडल स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर घर-घर यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि मोदी सरकार महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी इसे रोकने का काम कर रहे है. उन्होंने कहा कि देश और झारखंड की महिलाएं इस अपमान का जवाब जरूर देंगी और आनेवाले समय में विपक्ष को इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी.