Jamshedpur Wildlife Protection: वन विभाग और सेंदरा वीरों के बीच बनी सहमति, बिना शिकार के मनेगा उत्सव।
Jamshedpur Wildlife Protection
जमशेदपुर/चांडिल: झारखंड के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य में मनाए जाने वाले पारंपरिक ‘सेंदरा पर्व’ (विशु सेंदरा) को लेकर वन विभाग और सेंदरा समितियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आदिवासी परंपराओं का सम्मान करते हुए वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
बैठक का मुख्य निष्कर्ष
वन विभाग के अधिकारियों और सेंदरा वीरों (आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों) के बीच हुई इस चर्चा में ‘अहिंसक सेंदरा’ पर सहमति बनी। समितियों ने आश्वासन दिया है कि वे अपनी परंपराओं का पालन तो करेंगे, लेकिन किसी भी वन्यजीव का शिकार नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, प्रतीकात्मक शिकार और पूजा-अर्चना के माध्यम से इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेंदरा के दौरान दलमा की तराई और पहाड़ों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। चेकपोस्टों पर निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति घातक हथियार, जाल या विस्फोटक लेकर जंगल के भीतर प्रवेश न कर सके। वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) ने बताया कि सेंदरा वीरों का सहयोग इस उत्सव को सुरक्षित और सांस्कृतिक बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
परंपरा और पर्यावरण का मेल
सेंदरा समितियों के प्रमुखों ने कहा कि वे जंगल और जानवरों के रक्षक हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे इस पर्व की गरिमा बनाए रखें और प्रकृति को नुकसान न पहुँचाएं। इस वर्ष सेंदरा पर्व के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज तो होगी, लेकिन हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
