Jugsalai Holding Tax Hike Protest : जुगसलाई में होल्डिंग टैक्स वृद्धि पर घमासान, पार्षदों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
Jugsalai Holding Tax Hike Protest
Jamshedpur : जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स में की गई 15 से 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उबाल पैदा कर दिया है। सरकार के इस निर्णय के विरोध में क्षेत्र के सभी पार्षद एकजुट हो गए हैं। सोमवार को पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त (DC) के माध्यम से सौंपा, जिसमें इस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की अपील की गई है।
सुविधाएं नदारद, टैक्स में भारी उछाल
पार्षदों ने अपने ज्ञापन में तर्क दिया है कि जुगसलाई की जनता पहले से ही सड़क, जर्जर नालियां, जल निकासी की समस्या और पेयजल की किल्लत से जूझ रही है। मूलभूत सुविधाओं में सुधार किए बिना टैक्स का बोझ लादना पूरी तरह से जनविरोधी और अलोकतांत्रिक निर्णय है।
पार्षदों ने नए फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके तहत सर्किल रेट और सड़क की चौड़ाई को आधार बनाकर टैक्स निर्धारित किया गया है। उनका कहना है कि एक ही प्रकार के मकानों पर अलग-अलग टैक्स वसूलना न्यायसंगत नहीं है, इससे मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों की कमर टूट जाएगी।
लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप
जुगसलाई नगर परिषद की उपाध्यक्ष अर्चना दुबे के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में नगर निकाय के चुनाव संपन्न हुए हैं। इसके बावजूद, निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना इतना बड़ा वित्तीय निर्णय लेना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि नई कर प्रणाली लागू करने से पहले आम नागरिकों के सुझाव लिए जाएं और तब तक इस बढ़ोतरी को स्थगित रखा जाए।
आंदोलन की चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्षद अनिल मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह जनता के हक की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार इस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार नहीं करती है, तो सभी पार्षद आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में जुगसलाई नगर परिषद की उपाध्यक्ष अर्चना दुबे, पार्षद अनिल मोदी, जीशान हुसैन, शिल्पा तापड़िया, सुरेंद्र कौर, समाजसेवी बड़ेलाल दुबे, रविशंकर तिवारी, ओम प्रकाश पाठक एवं कई स्थानीय नागरिक शामिल थे। पार्षदों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में शीघ्र ही कोई सकारात्मक और राहतकारी निर्णय लेगी।
