उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक
जमशेदपुर : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक हुई, जिसमे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में आ रही अंतर्विभागीय समस्याओं पर चर्चा की गई तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आपसी समन्वय कर योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में आधारभूत नागरिक संरचना, नागरिक सुविधा, जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण, शिक्षण संस्थानों में आधारभूत संरचना व सुविधा, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दी जाने वाली सेवा, आंगनबाड़ी के बच्चों का पारगमन, आवासीय विद्यालय के बच्चों का स्वास्थ्य जांच, गर्मी के मद्देनजर पेयजल से संबंधित समस्याओं/ पेयजलापूर्ति योजनाओं समेत अन्य योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाएं एक लक्षित वर्ग समूह को ध्यान में रखकर संचालित की जाती हैं, ऐसे में जरूरी है कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से, समयबद्धता एवं पारदर्शित से धरातल पर उतारी जाएं ताकि लाभुकों को उचित लाभ मिल सके. उन्होने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही अड़चनों के समाधान के लिए नियमित कार्यस्थल पर जाएं और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करें.
उपायुक्त ने जबावदेह और संवेदनशील प्रशासन के लिए सभी बीडीओ, सीओ और क्षेत्रीय पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे सप्ताह में कम से कम 3-4 दिन पहला हाफ फील्ड भ्रमण के माध्यम से नागरिक समस्याओं, सरकार की योजनाओं तथा सरकार की संस्थाओं के क्रियाकलापों को सुचारू और नागरिकोन्ंमुख बनाने के लिए अपने स्तर से पहल करें. क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटी-छोटी नागरिक समस्याओं का मौके पर समाधान करें, जिससे आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े. जनसुविधाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता आवश्यक है. उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाभुकों के वित्तीय समावेशन की योजनाओं से जुड़े होने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर चिंता जाहिर की. कहा कि आंकड़ों में नहीं नागरिकों के जीवन में बदलाव के लिए पहल करें. पेंशन, बीमा आदि से संबंधित योजनाओं को लेकर कहा कि समीक्षा में यह सामने आ रहा है कि कई लोगों ने योजनाओं में पंजीकरण तो कराया है लेकिन नवीकरण कराने की जानकारी नहीं होने के कारण समय पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया. ग्रामीण क्षेत्रों के लाभुकों के बीच योजनाओं का प्रचार-प्रसार के साथ-साथ डोर स्टेप तक बैंकिग सुविधा बैंक सखी और बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट के माध्यम से पहुंचाने के निदेश दिए.
उपायुक्त ने सभी कार्यालय प्रधान को बेहतर कार्यसंस्कृति हेतु कार्यप्रणाली में सुधार लाने, प्रतिदिन ऑफिस मैनेजमेंट की समीक्षा करने तथा अनुशासन के साथ कार्य, नागरिकों से उचित व्यवहार रखने तथा मानव संसाधन का बेहतर उपयोग के निर्देश दिए. कार्यालय के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए सभी कार्यालय प्रधान को निदेश दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त जेएनएसी, डीटीओ, जिला कल्याण पदाधिकारी, स्थापना उपसमाहर्ता, सभी तकनीकी विभागों के अभियंता, बीडीओ, सीओ, एलडीएम, डीपीएम जेएसएलपीएस व अन्य सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.