Jamshedpur DC Health Department Samiksha Baithak : पटमदा-घाटशिला मेें सबसे कम लिंगानुपात, लिंग जांच की आशंका
उपायुक्त ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
जमशेदपुर : उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने, संसाधनों के समुचित उपयोग तथा सेवाओं में गुणवत्ता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. उपायुक्त ने शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चत करने पर बल दिया. उन्होंने शत प्रतिशत टीकाकरण हेतु घर-घर सत्यापन कर टीकाकरण कराने की बात कही. जिला के दो सबसे कम लिंगानुपातवाले प्रखंड पटमदा (877) एवं घाटशिला (877) में प्रसव पूर्व लिंग जांच की अशांका जताते हुए अवैध एवं गैर कानूनी तरीके से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, झोला छाप चिकित्सकों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही धालभूमगढ़ में 13, डुमरिया में 16, मुसाबनी में 12 तथा पटमदा में 20 गर्भवतियों के घरों में प्रसव की जानकारी सामने आने पर उपायुक्त ने चिंता जताई. उन्होंने अविलंब प्रत्येक पंचायत में एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही ‘प्रोजेक्ट उल्लास’ अभियान के तहत नियमित मिर्गी जांच कैम्प आयोजित कर मिर्गी रोगियों की पहचान एवं समुचित इलाज को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. बैठक में डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने एवं नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावडिय़ा सहित सभी एमओआइसी व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे.
मलेरिया के रोकथाम व इससे बचाव हेतु लिया संकल्प
बैठक में विश्व मलेरिया दिवस पर जिले में मलेरिया उन्मूलन हेतु स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना पर चर्चा की गई. उपायुक्त द्वारा जांच, उपचार, अनुश्रवण पर बल देते हुए निर्देश दिया कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मलेरिया संभावित एवं प्रभावित स्थलों पर फॉगिंग एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिले. बताया कि वर्ष 2025 में 10952 मलेरिया मरीजों का उपचार हुआ जिसमें एक भी मृत्यु नहीं हुई. उपायुक्त ने जांच का दायरा बढ़ाने तथा नागिरकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कही.
