April 29, 2026

Jamshedpur MLA Saryu Ka Railway Par Aarop : एक ही मांग पर आंदोलन, फिर भी रेलवे की बंध जा रही घिग्घी

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सीकेपी के सीनियर डीसीएम के दावों की सरयू ने खोली पोल, कहा झूठ परोस रहे हैं अधिकारी

जमशेदपुर : विधायक सरयू राय ने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी रोक पाने में असफल चक्रधरपुर डिवीजन के अधिकारीगण अब झूठ परोसना शुरु कर चुके हैं. ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ चल रहा उनका आंदोलन अब जनमुद्दा बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर के सीनियर डीसीएम ने कहा कि अब ट्रेनों की पंक्चुअलिटी 65 से 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है. श्री राय ने जानना चाहा कि सीनियर डीसीएम प्रतिशत कब से ले रहे हैं, कैसे ले रहे हैं, इसकी गणना उन्होंने कैसे की और एक भी ट्रेन का नाम उन्होंने क्यों नहीं बताया?
सरयू ने कहा कि वे सिर्फ एक ही मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और वह हम चाहते हैं कि टाटानगर जंक्शन पर समय से गाडिय़ां आएं और समय से जाएं. इसके अलावा उनकी कोई मांग है ही नहीं. चांडिल, कांड्रा, राखामाइंस तक जब यात्री ट्रेनें समय से पहुंच जाती हैं तो इन स्थानों से टाटानगर पहुंचने में ट्रेनों को तीन-साढ़े तीन घंटे क्यों लगते हैं. रेलवे से इसी सवाल का जवाब चाहिए. श्री राय ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से भी बात की. दोनों से आग्रह किया कि जमशेदपुर भाजपा के कार्यकर्ताओं को आप निर्देश दें कि वो भी इस आंदोलन में शामिल हों. डीआरएम को भेजी गई मेमोरेंडम की एक कापी बाबूलाल मरांडी को भेज दी गई है.

लौह अयस्कों की आवाजाही के कारण यह स्थिति

सरयू ने कहा कि रेलमंत्री ने स्वीकार किया कि टाटा स्टील, सेल (बोकारो) और दुर्गापुर की फैक्ट्री में लोहा उत्पादन होता है. इन तीनों को लौह अयस्क चाहिए. यही रास्ता है, जहां से लौह-अयस्क जाता है. इसकारण मालगाडिय़ों की आवाजाही बढ़ गई है और यात्री ट्रेनें लेट हो रही हैं. उन्होंने रेलमंत्री से आग्रह किया कि वो चक्रधरपुर के अफसरों से पूछें कि सही स्थिति क्या है.

कोल्हान स्तर पर ले जाएंगे आंदोलन को


बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए घाटशिला से बहरागोड़ा तक, सरायकेला से आदित्यपुर तक आंदोलन को ले जाएंगे. जिस तरीके से चक्रधरपुर डिवीजन में ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, वह चिंता का विषय है. श्री राय ने कहा कि कल के अपने प्रेस कांफ्रेंस में सीनियर डीसीएम ने एक बार भी मालगाड़ी का जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि यात्री ट्रेनें समय से चलें और जो समय बचता है, उसमें मालगाडिय़ां चलें.

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